5 in Matialdih and four iron boxes found at Sonagada Ghat | मटियालडीह में 5 और सोनागाड़ा घाट पर चार लोहे के बॉक्स मिले


मुसाबनी/ गालूडीह17 घंटे पहले

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  • सुवर्णरेखा में बहे क्रेन का कोई पता नहीं

सुवर्णरेखा नदी पर थर्ड लाइन के लिए निर्माणाधीन रेल पुल से बाढ़ में बहे उपकरण पानी कम होने से मिलना शुरू हो गए हैं। हालांकि अब तक क्रेन तथा अन्य भारी उपकरण नहीं मिले है। पानी घटने का इंतजार किया जा रहा है।

ठेका कंपनी जीपीटी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के उपकरण सुवर्णरेखा में बह कर सोनागाड़ा घाट पर चार लोहे के बॉक्स और मटियालडीह घाट पर पांच लोहे के बॉक्स मिले हैं।

सोनागाड़ा घाट पर गुरुवार की सुबह 9 बजे 31 मछुआरों ने लोहे के बॉक्स बहता देख दो लोहे के बॉक्स को चार नाव की मदद से सोनागाड़ा घाट के किनारे लाया। एक बॉक्स को घाटशिला की ओर किनारे पर निकाल दिया गया है।

एक सोनागाड़ा घाट व पम्पू घाट के बीच लगभग 10 फीट वाले बॉक्स को किनारे किया गया है। वहीं मटियालडीह घाट पर तीन लोहे के बॉक्स एक साथ हैं। दो लोहे के बॉक्स को अलग-अलग निकाला गया है।

जिनके लोहे के बॉक्स बह कर दोनों स्थानों में मिले है उनके मालिक गुरुवार को ही शाम को मछुआरों और ग्रामीणों से मिले और उक्त लोहे के बॉक्स को सुरक्षित रखने को कह कर गए हैं। मछुआरा प्रफुल्ल धीवर ने बताया कि जब चार नाव से उक्त लोहे के बॉक्स को नदी के बीच से निकालने का प्रयास किया जा रहा था तभी एक नाव क्षतिग्रस्त भी हो गई।

इसे निकालने में लालू धीवर, मोकरा धीवर, गोसाई धीवर, सिदो, बाबू लाल सोरेन, नारायण गोप, दशरथ गोप, चामटु धीवर सहित अन्य शामिल थे। जानकारी हो कि नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से गालूडीह बराज के फाटक खोल दिए गए थे।

इससे निर्माणाधीन पुल के करोड़ों रुपए के उपकरण नदी की तेज धार में बह गए थे। रेलवे के इंजीनियर गोविंद प्रकाश ने बताया कि पानी घट रहा है। क्रेन अब तक दिखाई नहीं दिया है।

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