CBI gave clean chit to RJD supremo Lalu Prasad Yadav in DLF property case | RJD चीफ घूसखोरी के दो केस में से एक में बरी, इसी मसले पर नीतीश ने 2017 में महागठबंधन सरकार गिरा दी थी



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पटना2 घंटे पहले

इस समय लालू दिल्ली में बेटी मीसा भारती के साथ हैं।

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को एक और बड़ी राहत मिली है। CBI ने DLF रिश्वत मामले में लालू यादव को क्लीन चिट दे दी है। 2018 में प्रारंभिक जांच के आधार पर यह मामला दर्ज हुआ था, जिसमें अब CBI को सबूत नहीं मिला।

आपको बता दें कि IRCTC और DLF रिश्वत कांड में लालू परिवार का नाम आने के बाद ही नीतीश कुमार ने 26 जुलाई 2017 में बिहार में महागठबंधन की सरकार को गिरा दिया था। जिसमें से एक केस IRCTC टेंडर घोटाले की जांच अभी जारी है।

ऐसा था पूरा मामला
लालू प्रसाद पर आरोप था कि 2007 में कथित शेल कंपनी AB एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में 5 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी खरीदी थी। इस कॉलोनी को DLF ने तैयार किया था। 2011 में लालू यादव के बच्चों तेजस्वी यादव, चंदा और रागिनी ने एबी एक्सपोर्ट को 4 लाख रुपए में खरीद लिया था। इस तरह से लालू को करोड़ों की प्रॉपर्टी कथित तौर पर केवल 4 लाख रुपए में मिल गई थी।

आरोप यह लगा था कि AB एक्सपोर्ट के जरिए DLF ने लालू प्रसाद तक रिश्वत पहुंचाई है। यह रिश्वत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और बांद्रा रेलवे स्टेशन के प्रोजेक्ट के बदले में उन्हें दी गई थी। कहा जा रहा है कि इस क्लीन चिट के बाद आर्थिक अपराध का केस भी कमजोर पड़ जाएगा और लालू प्रसाद का पक्ष मजबूत हो जाएगा।

इस फैसले पर RJD प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि लालू प्रसाद से राजनीतिक दुश्मनी निकालने के लिए यह उनके विरोधियों की साजिश मात्र थी। अब सारे आरोपों की हवा निकल रही है।

IRCTC और DLF रिश्वत कांड के नाम पर 2017 में गिर गई थी महागठबंधन सरकार
2017 में नीतीश कुमार राजद और कांग्रेस के साथ मिलकर बिहार में सरकार चला रहे थे। उस वक्त भाजपा बिहार में विपक्ष में थी। उसे सरकार को घेरने की जरूरत थी। तभी IRCTC टेंडर घोटाले और DLF रिश्वत कांड की गूंज बिहार में सुनाई देनी लगी। भाजपा ने इसे जोर-शोर से उछाला और नीतीश कुमार ने लालू का साथ छोड़ दिया। रातोंरात भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली।

IRCTC टेंडर घोटाले की जांच जारी है
IRCTC टेंडर घोटाले में लालू परिवार पर टेंडर दिलाने के नाम पर जमीन लेने का आरोप है। इस मामले में 2018 में CBI और ED ने मामला दर्ज किया है। अभी लालू यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव नई दिल्ली के पटियाला हाउस स्थित ईडी की विशेष अदालत से जमानत पर बाहर हैं।

आरोप है कि घोटाले की शुरुआत हुई 2005 में, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। झारखंड के रांची और ओडिशा के पुरी में रेलवे के दो होटलों को मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लि. को लीज पर दिया गया।

आरोप है कि होटल को लीज पर देने के लिए टेंडर के नियमों में ढील दी गयी और जब होटल लीज पर मिल गया तो इसके बदले डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को पटना में 3 एकड़ जमीन मिली। ये जमीन चाणक्य होटल के डायरेक्टर विनय कोचर ने 1 करोड़ 47 लाख में बेची, जबकि बाजार में उस वक्त इस जमीन की कीमत करीब दो करोड़ रुपए थी।

डिलाइट मार्केटिंग कंपनी आरजेडी सांसद प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता के नाम पर थी। CBI का कहना है कि ये कंपनी लालू परिवार की बेनामी कंपनी थी। 2014 में डिलाइट मार्केटिंग कंपनी के शेयर लारा प्रोजेक्ट के नाम ट्रांसफर कर दिए गए।

लारा प्रोजेक्ट कंपनी में लालू की पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी डायरेक्टर हैं, जब सारे शेयर डिलाइट मार्केटिंग कंपनी से लारा प्रोजेक्ट में ट्रांसफर हो गए तब इस जमीन की कीमत करीब 32 करोड़ रूपए हो गयी। यहां पर जो बात सबसे ज्यादा हैरान करती है वो ये कि 32 करोड़ की इस ज़मीन को लालू के परिवार की कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख रुपए लेकर ट्रांसफर कर दिया गया।

1 मई से दिल्ली में बेटी के घर हैं लालू

चारा घोटाला के मामले में जमानत मिलने के बाद से ही लालू दिल्ली में हैं। वहां राज्यसभा सांसद बेटी मीसा भारती के सरकारी आवास पर स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। वे अभी 16 तरह की बीमारियों से पीड़ित हैं। बेटी के आवास पर भले आ गए हैं पर उन्हें AIIMS के डॉक्टरों की निगरानी में ही रहना पड़ा रहा है।

CBI से लालू का होता रहा है आमना-सामना

लालू यादव और CBI का आमना-सामना काफी बार हुई है। चारा घाेटाले में अब तक लालू यादव में छह बार जेल जा चुके हैं। वहीं अभी डोरंडा ट्रेजरी से निकासी के मामले की सुनवाई कोर्ट में पूरी नहीं हुई है। इस मामले में बहस चल रही थी, लेकिन कोविड की वजह से फिलहाल CBI कोर्ट में सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। जबकि, चारा घोटाले के चार अन्य मामले में उन्हें सजा हो चुकी है। फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है।

चारा घोटाले के इन 4 मामलों में लालू को सजा सुनाई जा चुकी है

पहला मामला: चाईबासा ट्रेजरी केस

  • 37.7 करोड़ रुपए अवैध निकासी का आरोप
  • लालू प्रसाद समेत 44 अभियुक्त
  • मामले में 5 साल की सजा

दूसरा मामला: देवघर ट्रेजरी केस

  • 84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी का आरोप
  • लालू समेत 38 पर केस
  • लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा

तीसरा मामला: चाईबासा ट्रेजरी केस

  • 33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का आरोप
  • लालू प्रसाद समेत 56 आरोपी
  • 5 साल की सजा

चौथा मामला: दुमका ट्रेजरी केस

  • 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का मामला
  • दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा



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