Economy News In Hindi : In the race to buy Blackstone and IIFL Wealth L&T Mutual Fund, AUM is Rs 71,000 crore | ब्लैकस्टोन और आईआईएफएल वेल्थ एलएंडटी म्यूचुअल फंड को खरीदने की रेस में, 71,000 करोड़ रुपए है एयूएम


  • एलएंडटी ने 10 साल पहले असेट मैनेजमेंट कंपनी की शुरुआत की थी
  • 2012 में फिडेलिटी असेट मैनेजमेंट को एलएंडटी ने खरीदा था

newsjojo

Jun 22, 2020, 03:09 PM IST

मुंबई. एलएंडटी समूह की म्यूचुअल फंड कंपनी एलएंडटी म्यूचुअल फंड को खरीदने के लिए ब्लैकस्टोन और आईआईएफएल वेल्थ रेस में हैं। एलएंडटी का असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) 71 हजार करोड़ रुपए है। अगर यह सौदा होता है तो हाल के समय में यह घरेलू स्तर पर म्यूचुअल फंड उदयोग में बिकनेवाली सबसे बड़ी कंपनी होगी।

एक्सिस कैपिटल को फाइनेंसिंग ऑप्शन के लिए नियुक्त किया

जानकारी के मुताबिक आईआईएफएल वेल्थ ने एक्सिस कैपिटल को फाइनेंसिंग ऑप्शन के लिए नियुक्त किया है। ब्लैकस्टोन टॉप कानूनी फर्म सायरिल अमरचंद मंगलदास के साथ  बात कर रही है। इस सौदे के लिए दोनों को पूंजी बाजार नियामक सेबी से मंजूरी लेनी होगी। एलएंडटी म्यूचुअल फंड की पैरेंट कंपनी एलएंडटी फाइनेंस हैं। एलएंडटी फाइनेंस को उम्मीद है कि यह सौदा 4,500 करोड़ रुपए में हो सकता है। म्यूचुअल फंड में कुल एयूएम के 6 से 7 प्रतिशत पर डील होती है।

आईआईएफएल ने 2,650, ब्लैकस्टोन ने 3,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई

सूत्रों के मुताबिक आईआईएफएल ने 2,650 करोड़ रुपए पर बिड किया है, जबकि ब्लैकस्टोन ने 3,000 करोड़ रुपए पर बिड किया है। इस तरह से माना जा रहा है कि ब्लैकस्टोन इस डील में आगे हो सकती है। एलएंडटी म्यूचुअल फंड के पास इस समय 500 करोड़ रुपए की नकदी है और इसे बिड में ही शामिल किया जा सकता है।

सेबी के नियमों के मुताबिक ब्लैकस्टोन को हो सकती है दिक्कत

जानकारी के मुताबिक इसमें जो दिलचस्प पहलू है वह यह कि ब्लैकस्टोन 60 प्रतिशत हिस्सा खरीदने की सोच रहा है। सेबी के नियमों के मुताबिक भारतीय म्यूचुअल फंड में ऐसा कोई प्राइवेट इक्विटी हिस्सेदारी नहीं खरीद सकता है, जिसके पास इस उद्योग का पांच साल का अनुभव न हो। इस तरह से कोई प्राइवेट इक्विटी केवल 39.9 प्रतिशत ही हिस्सेदारी खरीद सकता है। ब्लैकस्टोन इस मामले में कानूनी विकल्प का रास्ता अपना रहा है।

वैश्विक स्तर पर ब्लैकस्टोन 538 अरब डॉलर की असेट्स का प्रबंधन करता है। इसमें प्राइवेट इक्विटी, रियल इस्टेट, हेज फंड और क्रेडिट स्ट्रेटेजी शामिल है। भारत में एक दशक से यह प्राइवेट इक्विटी (पीई) काम कर रहा है और इसके निवेश का वैल्यू इस समय 40 अरब डॉलर है।

देश में 12 वें नंबर पर एलएंडटी म्यूचुअल फंड

इसी तरह अन्य पीई जैसे कारलाइल और क्रिस कैपिटल भी इस रेस में हैं। माना जा रहा है कि वे अभी इसमें कुछ समय ले सकती हैं। एलएंडटी म्यूचुअल फंड देश में 12 वें नंबर की असेट मैनेजमेंट कंपनी है। देश के म्यूचुअल फंड उद्योग में इसकी हिस्सेदारी 2.7 प्रतिशत है। इसने 10 साल पहले असेट मैनेजमेंट कंपनी की शुरुआत की थी। इसने पहले 2009 में डीबीएस चोलामंडलम को खरीदा था और बाद में फिडेलिटी को 2012 में खरीदा था। एलएंडटी फाइनेंस राइट्स इश्यू से 10 हजार करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई है।



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