Economy News In Hindi : India’s forex reserve will cross $ 500 billion for the first time, India with $ 493 billion in third place | देश का फॉरेक्स रिजर्व पहली बार 500 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा, 493 अरब डॉलर के साथ भारत तीसरे स्थान पर


  • भारत ने रूस और दक्षिण कोरिया को पहले ही फॉरेक्स रिजर्व में पीछे छोड़ दिया है
  • अभी सबसे ज्यादा फॉरेक्स रिजर्व के साथ चीन पहले नंबर पर है और जापान दूसरे नंबर है

newsjojo

Jun 11, 2020, 04:51 PM IST

मुंबई. अगले कुछ हफ्तों में देश का विदेशी मुद्रा का रिजर्व (फॉरेक्स) 500 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है। अभी देश का फॉरेक्स रिजर्व 493 अरब डॉलर है। यह आंकड़ा एक नया रिकॉर्ड हासिल करेगा।

कुछ हफ्तों में रिकॉर्ड छूने की उम्मीद

विश्लेषकों के मुताबिक जिस तरह से विदेशी फंड भारत में आ रहा है उससे यह आंकड़ा कुछ हफ्तों में छू लिया जाएगा। कोविड-19 की महामारी में भारत के लिए यह एक रिकॉर्ड होगा। भारत ने फॉरेक्स रिजर्व के मामले में पहले ही रूस और दक्षिण कोरिया को पीछे छोड़ दिया है। फॉरेक्स रिजर्व में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है। पहले नंबर पर चाइना और दूसरे पर जापान हैं।

1991 में देश को फॉरेन डेट के कारण डिफॉल्ट की स्थिति से गुजरना पड़ा था

बता दें कि देश को 1991 में फॉरेन डेट के कारण डिफॉल्ट की स्थिति से गुजरना पड़ा था। इससे भारत को पैसे जुटाने के लिए सोने के रिजर्व को गिरवी रखना पड़ा था। यहां तक कि हाल में 2012-13 में भारत का फॉरेक्स रिजर्व 259 अरब डॉलर ही था। पर पिछले सात महीनों से जिस तरह से आयात में कमी आई है, उससे भारत का फॉरेक्स रिजर्व अचानक बढ़ गया है। भारत चाहे तो इस फंड से 17 महीनों तक आयात कर सकता है।

फॉरेक्स रिजर्व से रुपए को मदद मिलेगी

केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस कहते हैं कि फॉरेक्स रिजर्व में वृद्धि से मुश्किल समय में रुपए को मदद मिलेगी। इससे आरबीआई की आय में भी वृद्धि होगी। सरकार को डिविडेंड आय का लाभ मिलेगा। वैश्विक महामारी के कारण पूंजी बाजार और अर्थव्यवस्था में संकट पैदा हुआ है। ऐसी स्थिति में विदेशी पूंजी के रिजर्व से वृद्धि का उत्साह देखने को मिलेगा। मार्च में विदेशी निवेश और एफडीआई में तेजी से गिरावट के बाद भारत में विदेशी फंड बढ़ा है।

कोटक महिंद्रा, भारती एयरटेल और जियो में हिस्सेदारी बिकने से भी मिली मदद

कोटक महिंद्रा और भारती एयरटेल का हिस्सा बिकने से भी फॉरेक्स रिजर्व में वृद्धि हुई है। पिछले कुछ समय में जियो में लगातार निवेश और रिलायंस इंडस्ट्रीज के राइट्स इश्यू से भी अच्छा खासा विदेशी निवेश भारत में आया है। रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने बुधवार को भारत की रेटिंग में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया था। इससे देश में वैश्विक निवेश के सेंटीमेंट में सुधार होगा।



Source link