If there was a shortage of blood for a friend, a group was formed, donated 25 thousand units in 6 years, did not let the shortage come even in the corona period | दोस्त के लिए खून की कमी आई तो ग्रुप बनाया, 6 साल में 25 हजार यूनिट दान करवा चुके, कोरोनाकाल में भी नहीं आने दी कमी


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जोधपुर8 मिनट पहलेलेखक: रविंद्र शर्मा

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लाल बूंद जिंदगी रक्षक सेवा की टीम पिछले 6 साल में 25 हजार यूनिट ब्लड डोनेट करवा चुकी हैं। - Dainik Bhaskar

लाल बूंद जिंदगी रक्षक सेवा की टीम पिछले 6 साल में 25 हजार यूनिट ब्लड डोनेट करवा चुकी हैं।

  • लाल बूंद जिंदगी व बाबा रामदेव समाजसेवा जैसी सैकड़ों संस्थाएं भर रही ब्लड बैंकों का खजाना

आज विश्व रक्तदाता दिवस है। शहर में ऐसी सैकड़ों संस्थाएं और रक्तवीर हैं जो कभी खून की कमी नहीं आने देती। इन्हीं में से दो संस्थाएं लाल बूंद जिंदगी रक्षक सेवा और बाबा रामदेव समाजसेवा संस्थान भी दिन-रात जरूरतमंदों के लिए रक्त का इंतजाम करने में जुटी हैं। लाल बूंद जिंदगी रक्षक सेवा की टीम पिछले 6 साल में 25 हजार यूनिट ब्लड डोनेट करवा चुकी हैं। संस्थान की शुरुआत के पीछे सबक की एक कहानी है।

6 साल पहले छह दोस्त बाइकों पर घूम रहे थे। तब उनके एक साथी का एक्सीडेंट हो गया। उसे खून चढ़ाने की आवश्यकता थी, लेकिन अनफिट होने के कारण पांच में से 3 दोस्त खून नहीं दे पाए। इस बात ने उन्हें इतना झकझोरा कि उन्होंने कसम खाई कि अब किसी जरूरतमंद के लिए खून की कमी नहीं आने देंगे। फिर एक ग्रुप बनाकर रक्त सेवा शुरू की है। आज सोशल मीडिया पर 250 से अधिक ग्रुप के माध्यम से देशभर में 20 हजार सदस्य हैं।

अब तक 3800 यूनिट प्लेटलेट्स भी डोनेट करवा चुके हैं। टीम ने थैलीसीमिया व कैंसर पीडितों के लिए अलग से टीम बना रखी हैं। इन रोगियों के साथ प्रसूताओं और अन्य बीमारियों के मरीजों के लिए हर रविवार ब्लड कैंप आयोजित करवाते हैं।

टीम में राष्ट्रीय अध्यक्ष रजत गौड़, सचिव रवि तिवाड़ी, सुभाष, सुनील सियाग, सुमेर कच्छवाहा, लिखमाराम पंवार व सोहन पटेल आदि शामिल हैं। इन्होंने एक कंट्रोल रूम भी बनाया है, जिसमें हर समय दस सदस्य सेवाएं देते हैं। इसके नंबर 9784574191 पर कॉल आते ही रोगी के परिजनों से संपर्क कर डोनर पहुंचाते हैं।

गर्मियों में 30 से 60 दिन तक लगातार रक्तदान शिविर लगा कर रहे मदद
बाबा रामदेव समाजसेवा संस्थान ने 8 अगस्त 2007 को एमजीएच में पहला शिविर आयोजित किया, जिसमें 30 यूनिट रक्तदान हुआ। संस्थापक करणसिंह राठौड़ ने तब सोचा भी नहीं था कि वे इस अभियान को 30 हजार यूनिट रक्तदान तक ले जाएंगे। 14 साल के सफर में करणसिंह 598 रक्तदान शिविर आयोजित करवा चुके हैं।

गर्मियों में जब रक्त की कमी आती है तो वे 30 से 60 दिन तक लगातार शिविर आयोजित करवा जरूरतमंदों की मदद करते हैं। कोरोनाकाल के डेढ़ साल में वे 100 शिविर आयोजित करवा रक्त व प्लाज्मा दान करवा चुके हैं। इसके अलावा सूखी राशन सामग्री भी वितरित कर रहे।

इधर, एमडीएम ब्लड बैंक कर्मचारी भी छोटे-छोटे शिविर लगा कर रहे आपूर्ति
एमडीएम ब्लड बैंक के कार्मिक कोरोनाकाल में छोटे-छोटे शिविर लगाकर रक्त की व्यवस्था कर रहे हैं। कोरोनाकाल में जब एमडीएमएच में मरीज आने से डर रहे थे, वहीं रक्तदान करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं और स्वैच्छिक रक्तदाताओं की काउंसलिंग कर ब्लड बैंक कार्मिक लगातार कैंप करवा ब्लड एकत्रित करते रहे थे।

इंचार्ज डॉ. जीसी मीणा ने बताया कि जनवरी से अब तक 90 से अधिक कैंप लगाकर 5,626 यूनिट ब्लड एकत्रित किया गया। वहीं 703 प्लाज्मा प्रोसिजर कर 1200 से अधिक संक्रमितों को कोविड प्लाज्मा दिया गया। ब्लड बैंक में कार्यरत टेक्नीशियनों और स्टाफ ने टीम की तरह काम कर यह संभव किया।

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