In Udaipur, the driver is applying the vaccine to the villagers by becoming a doctor in the PHC, after the complaint, the medical staff pulled out | उदयपुर में 108 एंबुलेंस ड्राइवर PHC में डॉक्टर बन जनता को लगा रहा वैक्सीन, ग्रामीणों की शिकायत के बाद PHC प्रभारी ने निकाला बाहर ने निकाला बाहर


  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Udaipur
  • In Udaipur, The Driver Is Applying The Vaccine To The Villagers By Becoming A Doctor In The PHC, After The Complaint, The Medical Staff Pulled Out

उदयपुर8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
सायरा पीएचसी में वैक्सीन लगाते हुए एंबुलेंस चालक महेंद्र। - Dainik Bhaskar

सायरा पीएचसी में वैक्सीन लगाते हुए एंबुलेंस चालक महेंद्र।

राजस्थान में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर सरकारी लापरवाही दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। बेशकीमती वैक्सीन की बर्बादी के बाद अब राजस्थान में ड्राइवर द्वारा कोरोना वैक्सीन लगाने का मामला सामने आया है। घटना उदयपुर जिले के सायरा पीएचसी की है। जहां पिछले कुछ वक्त से 108 एंबुलेंस ड्राइवर महेंद्र लोहार ग्रामीणों को कोरोना वैक्सीन लगा रहा था। गुरुवार को जब ग्रामीणों ने इसकी शिकायत चिकित्सा प्रभारी से की तब मौके पर पहुंचे प्रभारी रामसिंह ने 108 एंबुलेंस ड्राइवर महेंद्र लोहार को पीएचसी से बाहर निकाला।

लंबे समय से पीएसी में तैनात था महेंद्र
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले लंबे वक्त से एंबुलेंस ड्राइवर महेंद्र लोहार पीएचसी में मेडिकल स्टाफ के साथ मिल ग्रामीणों के वैक्सीन लगा रहा था। गुरुवार को कुछ लोगों को इसकी भनक लगी। तब उन्होंने इसकी शिकायत चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से की। जिसके बाद 108 ड्राइवर​​​​​​​ महेंद्र लोहार को वैक्सीन लगाने से रोका गया है। वहीं महेंद्र ने भी अपनी गलती स्वीकार की और कहा कि गलती से मैंने वैक्सीन लगा दी। लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं करूंगा।

एंबुलेंस चालक महेंद्र लोहार।

एंबुलेंस चालक महेंद्र लोहार।

जांच के बाद होगी कार्रवाई​​​​​​​

बीसीएमओ डॉ ओपी रामपुरिया ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर एंबुलेंस ड्राइवर​​​​​​​ महेंद्र को वैक्सीनेशन प्रक्रिया से दूर कर दिया गया है। जिसे आगामी आदेश तक पीएचसी में नहीं घुसने दिया जाएगा। फिलहाल इस मामले की जांच की जा रही है। जिसमें दोषी पाए जाने पर महेंद्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि एक और जहां ग्रामीण इलाकों में जनता वैक्सीनेशन को लेकर डर रही है। वहीं सरकारी लाल फीताशाही की वजह से अब जनता की जान जोखिम में आ गई है। ऐसे में देखना होगा शासन प्रशासन लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई करता है।

खबरें और भी हैं…



Source link