India Vs New Zealand (IND NZ) WTC Final Update; Why World Test Championship Final Played In Southampton | इंग्लैंड ने अब तक 16 फाइनल में से 13 लॉर्ड्स में कराए, पहली बार एजिस बाउल में खिताबी मुकाबला


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साउथैम्पटन22 मिनट पहले

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भारत और न्यूजाीलैंड के बीच 18 से 22 जून तक वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल मैच साउथैम्पटन के द एजिस बाउल में खेला जाना है। आम तौर पर इंग्लैंड में फाइनल मुकाबले लॉर्ड्स में खेले जाते हैं। इंग्लैंड ने अब तक मल्टीनेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट के 16 फाइनल होस्ट किए हैं। इनमें से 13 लॉर्ड्स में खेले गए। दो फाइनल ओवल में हुए। 1 फाइनल एजबेस्टन (बर्मिंघम) में हुआ। लॉर्ड्स और ओवल दोनों ग्राउंड लंदन में हैं। यानी साउथैम्पटन किसी मल्टीनेशनल टूर्नामेंट का फाइनल मैच होस्ट करने वाला इंग्लैंड का तीसरा शहर बनेगा और द एजिस बाउल चौथा स्टेडियम।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल लंदन या बर्मिंघम में न कराकर किसी अन्य शहर में क्यों कराया जा रहा है? इस सवाल का जवाब जानने के लिए हमें उन चार पॉइंट्स पर गौर करना होगा जिनकी वजह से ICC यह फैसला लिया है।

1. दुनिया का पहला बायो सिक्योर वैन्यू
कोरोना महामारी की शुुरुआत के बाद से दुनियाभर में खेल गतिविधियां काफी प्रभावित हुईं। महामारी के बीच मैच तभी हो सकते थे जब किसी तरह स्टेडियम को कोरोना की पहुंच से दूर रखा जाए। साथ ही सभी खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, मैच ऑफिशियल्स, ब्रॉसकास्टिंग क्रू को भी संक्रमण से बचा कर रखा जाए। ऐसे में बायो सिक्योर वैन्यू का कॉनसेप्ट सामने आया। यानी ऐसे तमाम इंतजामात से लैस वैन्यू जहां कोरोना न पहुंच सके और मैच सुरक्षित माहौल में खेला जा सके। साउथैम्पटन का द एजिस बाउल दुनिया में पहला बायो सिक्योर क्रिकेट वैन्यू बना। वेस्टइंडीज के खिलाफ 8 जुलाई 2020 से यहां बायो सिक्योर माहौल में टेस्ट मैच का आयोजन हुआ। तब से यहां कुल 9 इंटरनेशनल मैच खेले जा चुके हैं।

2. ऑन साइट एकोमोडेशन
द एजिस बाउल दुनिया के उन गिने-चुने क्रिकेट स्टेडियमों में शामिल है जहां स्टेडियम के बिल्कुल पास ही फाइव स्टार स्टैंडर्ड का होटल है। यहां टीमों और ऑफिशियल्स को को सुरक्षित माहौल में ठहराने में सहूलियत होती है। ऐसे में उन्हें होटल से ग्राउंड तक ट्रैवल के लिए ज्यादा दूरी नहीं तय करनी पड़ती है।

3. न्यूट्रल कंडीशंस
यह ICC टूर्नामेंट का फाइनल है। ICC की कोशिश थी कि वैन्यू उस स्टेडियम को बनाया जाए जहां किसी एक टीम को बहुत ज्यादा मदद न मिले। इंग्लैंड के उत्तरी हिस्से में जो शहर हैं वहां मई और जून के महीने में स्विंग गेंदबाजी को काफी ज्यादा मदद मिलती है। लेकिन, साउथ में स्थिति ऐसी नहीं होती है। यहां की परिस्थिति स्विंग के साथ-साथ स्पिन गेंदबाजी के लिए भी मददगार होती है खासकर मैच के चौथे और पांचवें दिन।

4. BCCI का प्रेशर!
यह ऐसा पॉइंट है जिसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती है। कई क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि BCCI नहीं चाहता था कि मैच स्विंग गेंदबाजी के लिए बहुत ज्यादा मददगार कंडीशन में हो। भारतीय बोर्ड ने ICC और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के सामने यह मुद्दा उठाया और तब जाकर वैन्यू को लॉर्ड्स से साउथैम्पटन में शिफ्ट किया गया।

इंग्लैंड में 4 में से 3 फाइनल जीत चुकी है टीम इंडिया
भारतीय टीम अब तक इंग्लैंड की धरती पर चार फाइनल मुकाबले खेल चुकी है। इसमें से उसे तीन में जीत मिली और एक में हार झेलनी पड़ी है। भारत ने इंग्लैंड में पहला फाइनल 1983 में वर्ल्ड कप में खेला था। तब भारत ने लॉर्ड्स में वेस्टइंडीज को हराकर पहली बार वर्ल्ड कप अपने नाम किया था।

इसके बाद 2002 में लॉर्ड्स में ही भारत ने त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल में इंग्लैंड को हराया था। भारत ने तीसरा फाइनल 2013 में बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ ICC चैंपियंस ट्रॉफी का फाइनल जीता। भारत को इंग्लैंड में फाइनल में इकलौती हार 2017 में पाकिस्तान के खिलाफ ICC चैंपियंस ट्रॉफी में मिली थी। वह मैच ओवल में खेला गया था।

इस लिहाज से लॉर्ड्स (लंदन) और एजबेस्टन (बर्मिंघम) टीम इंडिया के लिए अच्छा साबित हुआ था। लेकिन, वे सारे वनडे मैच थे। अब टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाना है। लिहाजा ICC की कोशिश ऐसे ग्राउंड पर मैच कराने की है जहां कंडीशन एकतरफा तरीके से किसी टीम के पक्ष में न हो जाए। साथ ही मैच पांच दिन चले ताकि ब्रॉडकास्टर्स को भी कमाई का पूरा मौका मिले।

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