Indian swimmers still waiting to start their practice as sports authority of india doesn’t releases Standard Operating procedures yet | अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप में प्रैक्टिस शुरू हुई, हम गाइडलाइन ही बना रहे हैं; तैराकों को फॉर्म में आने में 5-6 महीने लग जाएंगे


  • देश में स्वीमिंग पूल और जिम पर बैन जारी, खिलाड़ियों को जून से अनुमति मिल सकती है
  • टास्क फोर्स ने एक हफ्ते पहले स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर साई को सौंप दिया था, अब तक जारी नहीं हुआ

कृष्ण कुमार पांडेय

May 27, 2020, 06:04 AM IST

भोपाल. देश में स्वीमिंग पूल और जिम पर बैन जारी है। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कुछ देशों में स्वीमिंग पूल खोलने की मंजूरी दे दी गई है। देश में पूल खाेलने के लिए गाइडलाइन ही बन रही है।

ओलिंपिक में वैसे भी हमारा प्रदर्शन खास नहीं रहता है। अगर सरकार की ओर से जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया गया तो तैराकी में ओलिंपिक क्वालिफाई करने की उम्मीदें कम हो सकती हैं।

भारतीय स्वीमिंग फेडरेशन और ओलिंपिक कोटा या क्वालिफाइंग मार्क के खिलाड़ी पूल खोलने की मांग कर चुके हैं। फेडरेशन को उम्मीद है कि उन्हें जून में अनुमति मिल जाएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि तैराकों को फॉर्म वापस हासिल करने में 5-6 महीने लग जाएंगे। 

एक हफ्ते पहले एसओपी तैयार, पर जारी नहीं हुई

टास्क फोर्स ने एक हफ्ते पहले तैयार स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) साई को सौंप दिया है। इस टास्क फोर्स में साई, फेडरेशन और एकेडमी के मैनेजमेंट के लोग शामिल हैं। एसओपी को बनाने के लिए फेडरेशन ने ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, न्यूजीलैंड, द. अफ्रीका और ब्रिटेन का अध्ययन किया। हालांकि, साई ने एसओपी अभी जारी नहीं की है। एसओपी के अनुसार, जिम, रेजिडेंस एरिया में साई की गाइडलाइन लागू होगी।

टास्क फोर्स की गाइडलाइन

  • पूल में 2 बीपीएम क्लोरीन मेंटेंन रखनी होगी।
  • पूल के अलग-अलग एरिया से सैंपलिंग और टेस्टिंग जरूरी।
  • एक लेन में एक ही तैराक अभ्यास करेगा। बगल वाली लेन का स्विमर पूल के दूसरे छोर से स्वीमिंग करेगा।
  • खिलाड़ी अलग-अलग गटर एरिया में स्प्रिट करेगा। ताकि संक्रमण का खतरा न हो।
  • खिलाड़ी चेंजिंग रूम इस्तेमाल नहीं करेंगे। रेजिडेंस एरिया में जाकर चेंज करेंगे।
  • स्वीमिंग से पहले और बाद में शावर जरूरी।
  • कोच को पीपीई किट पहनना जरूरी होगा। 

फिटनेस के लिए डाइट कम कर रहे खिलाड़ी

100 मी फ्रीस्टाइल में देश के सबसे तेज तैराक वीरधवल खाड़े ने वजन को नियंत्रण में रखने के लिए खाने की मात्रा कम कर दी है। वे 50 फीसदी ही डाइट ले रहे हैं। योग और बॉडी वेट ट्रेनिंग कर रहे हैं। खाड़े मुंबई में जिला प्रशासन विभाग में कार्यरत हैं।

वे बीपीएल कार्डधारकों को पेंशन बांटने का काम कर रहे हैं। वहीं, बी कट ओलिंपिक कोटा हासिल कर चुके इंदौर के अद्वैत पागे घर में योग, कार्डियाे कर रहे हैं। वे फ्लेक्सिबिलिटी पर ध्यान दे रहे हैं।

सरकार को तैराकों को ट्रेनिंग की अनुमति देनी चाहिए

  • सरकार को सुरक्षित माहौल में ओलिंपिक कोटा हासिल कर चुके तैराकों को ट्रेनिंग की अनुमति देनी चाहिए। इसमें वे खिलाड़ी भी शामिल किए जाएं, जो क्वालिफाइंग टाइमिंग के आसपास हैं। जून में अनुमति मिलने की उम्मीद।– डी मोनल चोकसी, सचिव, भारतीय स्वीमिंग फेडरेशन  

  • कई देशों के तैराकों ने ट्रेनिंग शुरू कर दी है। लेकिन हमारे यहां अनुमति के लाले हैं। यह हमारी तैयारियों को बहुत ज्यादा प्रभावित करेगा। उन्हें फॉर्म में वापसी करने के लिए कम से कम 5-6 महीने लग जाएंगे।– निहार अमीन, पूर्व भारतीय कोच और द्रोणाचार्य अवॉर्डी  



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