Kisan Andolan Updates Farmers died due to Corona at Singhu Border Bhopal Singh Rakesh Tikait | भोपाल सिंह ने कहा- सिंघु बॉर्डर पर संक्रमण से 2 किसानों की मौत, अन्नदाताओं को आंदोलन टालकर खुद को और फसलों को बचाना चाहिए


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नई दिल्ली43 मिनट पहले

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कोरोना की दूसरी लहर और भीषण गर्मी के बीच किसानों का आंदोलन सिंघु बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर जारी है। - Dainik Bhaskar

कोरोना की दूसरी लहर और भीषण गर्मी के बीच किसानों का आंदोलन सिंघु बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर जारी है।

केंद्र सरकार के 3 कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन सिंघु बॉर्डर समेत दिल्ली की सीमाओं पर बदस्तूर जारी है। जबकि कोरोना की दूसरी लहर से दिल्ली समेत देशभर में कहर मचा हुआ है। इसी बीच 2 किसानों की कोरोना से मौत हो गई। यह बात भारतीय किसान यूनियन (किसान सरकार) के प्रवक्ता भोपाल सिंह ने गुरुवार को बताई। उन्होंने अन्नदाताओं से आंदोलन टालकर खुद को और अपनी फसलों को बचाने का आग्रह भी किया।

भोपाल सिंह ने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर कोरोना से 2 किसानों की मौत हो है। यदि किसान इसी तरह दम तोड़ते रहे तो आंदोलन कौन करेगा? यही कारण है कि मेरा किसानों से आग्रह है कि देश में चल रहे महामारी के हालात को देखते हुए आंदोलन को कुछ समय के लिए टाल देना चाहिए। यदि

मुश्किल हालात में देश के साथ खड़े हों किसान
उन्होंने कहा कि किसानों को अन्नदाता कहा जाता है। उनका बचा रहना जरूरी है। यह हमें इसलिए कहा जाता है क्योंकि हम अपनी फसलें और लोगों की जान बचाने में सक्षम हैं। हम भविष्य में कभी भी आंदोलन कर सकते हैं, लेकिन अभी स्थिति सही नहीं है। हमें इस मुश्किल हालात में देश के साथ खड़े रहना होगा।

किसान नहीं हटेगा, यहीं डटा रहेगा
इससे पहले भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने गुरुवार को ही हरियाणा के रेवाड़ी में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा है कि जब तक सरकार किसानों की मांगें नहीं मानती और MSP पर कानून नहीं बनाती, तब तक किसान कहीं नहीं हटेगा और यहीं डटा रहेगा, क्योंकि कोरोना का रास्ता हॉस्पिटल और किसान का रास्ता संसद तक जाता है।

राकेश टिकैत ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि व्यापारियों को ध्यान में रखकर बनाए गए कानून समाज को गुलाम बना देंगे। यह कृषि कानून सिर्फ और सिर्फ व्यापारियों के पक्ष में है। इससे किसानों को कुछ नहीं मिलेगा, जबकि व्यापारी 500% लाभ कमाएंगे।

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