Ranchi News In Hindi : Neeraj was a child laborer, after he was freed he made it a point to teach other children to save … Britain’s prestigious Diana Award | कभी बाल मजदूर थे नीरज, मुक्त होने के बाद दूसरे बच्चों को बचाना पढ़ाना बना लिया मकसद, ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड मिला


  • अभ्रक खदान में करते थे मजदूरी
  • अब गांव में स्कूल खाेलकर 200 बच्चों को दे रहे शिक्षा

newsjojo

Jul 03, 2020, 07:38 AM IST

रांची. बाल मजदूर रह चुके गिरिडीह के दुलिया करम गांव के नीरज मुर्मू (21) काे गरीब बच्चाें काे शिक्षित करने के लिए ब्रिटेन के प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्मानित किया गया है। नीरज भारत के उन 23 लाेगाें में शामिल हैं, जिन्हें यह गाैरवशाली अवार्ड दिया गया है। यह अवार्ड राजकुमारी डायना की स्मृति में हर साल नाै से 25 साल की उम्र वाले ऐसे बच्चाें और युवाओं काे दिया जाता है, जिन्हाेंने अपनी नेतृत्व क्षमता से सामाजिक बदलाव लाने में असाधारण याेगदान दिया हाे। काेराेना संकट की वजह से नीरज काे यह अवार्ड ऑनलाइन भेजा गया।

नीरज जब 10 साल के थे, तब वह अभ्रक खदानाें में बाल मजदूरी करते थे। बचपन बचाओ आंदाेलन के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बाल मजदूरी से मुक्त कराया। इसके बाद नीरज ने सत्यार्थी आंदाेलन के साथ मिलकर बाल मजदूरी के खिलाफ काम करने लगे। बच्चाें काे बाल मजदूरी से मुक्त कराकर स्कूलाें में दाखिला कराने लगे। ग्रेजुएशन की पढ़ाई जारी रखते हुए उन्हाेंने गरीब बच्चाें के लिए गांव में स्कूल खाेला। इसमें वह करीब 200 बच्चाें काे शिक्षित कर रहे हैं। नीरज ने 20 बाल मजदूराें काे भी अभ्रक खदानाें से मुक्त कराया है। 

नीरज बाेले-अवार्ड ने मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा दी

डायना अवार्ड मिलने पर नीरज ने कहा-इस अवार्ड ने मेरी जिम्मेदारी और बढ़ा दी है। मैं उन बच्चाें काे स्कूल में दाखिला दिलाने के काम में और तेजी लाऊंगा, जिनकी पढ़ाई बीच में ही रुक गई है। साथ ही अब मैं बाल मित्र गांव के बच्चाें काे शिक्षित करने पर भी अपना ध्यान केंद्रित करूंगा। उन्हाेंने कहा-नाेबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी मेरे आदर्श हैं।

सीएम बाेले-नीरज की उपलब्धि गाैरव का क्षण

मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन ने डायना अवार्ड हासिल करने पर नीरज मुर्मू काे बधाई दी है। उन्हाेंने कहा-नीरज की यह उपलब्धि पूरे झारखंड के लिए गाैरव का क्षण है। बच्चाें के साथ सामाजिक बदलाव लाने वाले इस शिक्षक की यात्रा प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री ने नीरज काे मार्गदर्शन देने के लिए कैलाश सत्यार्था काे भी धन्यवाद दिया है।



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