Registration of land and houses in rural areas 10-19% expensive, effective from August 1 | ग्रामीण इलाकाें में जमीन और मकान का निबंधन 10-19 फीसदी महंगा, एक अगस्त से हाेगा प्रभावी


जमशेदपुर19 मिनट पहले

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  • लागू होने पर शहर के 32 पंचायतों में जमीन-मकान की खरीदारी होगी महंगी
  • हर दो साल पर बढ़ता है न्यूनतम मूल्य, इससे कम बिक्री नहीं

जिले में एक अगस्त से जमीन-मकान का निबंधन महंगा होगा। निबंधन विभाग ने जमीन-मकान के न्यूनतम मूल्य में 10 से 19 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है। हर दो साल पर निबंधन विभाग जमीन -मकान की खरीद बिक्री के लिए न्यूनतम मूल्य का निर्धारण करती है। इस बार ग्रामीण इलाके की जमीन के न्यूनतम मूल्य में बढ़ोतरी की जा रही है। पिछले साल शहरी क्षेत्र में जमीन -मकान का न्यूनतम मूल्य में बढ़ोतरी की गई थी। बढ़ोतरी की गई दर एक अगस्त 2020 से प्रभावी होगी। इससे आसपास के 32 पंचायतों में जमीन -मकान की खरीदारी महंगी होगी।

मकान को तीन व जमीन का चार कैटेगरी में बांटा : निबंधन विभाग ने मकान को 3 व जमीन का 4 कैटेगरी में बांटा है। मकान को कच्चा, पक्का व डीलक्स संरचना के आधार पर विभाजित किया है जबकि जमीन को कृषि, औद्योगिक, व्यावसायिक कार्य व आवासीय कार्य में बांटा है। इसी के आधार पर न्यूनतम मूल्य का निर्धारण किया गया है।

न्यूनतम मूल्य पर स्टांप शुल्क 4% देना होगा : सरकार जमीन -मकान का न्यूनतम मूल्य का निर्धारण करती है। इससे कम मूल्य पर जमीन-मकान की बिक्री के लिए सेलडीड नहीं बनता है। न्यूनतम मूल्य पर स्टंप शुल्क 4% व निबंधन शुल्क 3% देना पड़ता है। बढ़ोतरी से स्टंप व निबंधन शुक्ल के तौर पर ज्यादा राशि का भुगतान करना पड़ेगा।

छह दिनों से बंद है जमीन और मकान की रजिस्ट्री : अधिवक्ताओं के आंदोलन के कारण जमीन व मकान का निबंधन पिछले छह दिनों से बंद पड़ा हुआ है, हालांकि शादी -विवाह का पंजीकरण और नोटिस का काम हो रहा है। अधिवक्ता व अवर निबंधन पदाधिकारी प्रफुल्ल कुमार के बीच चल रही तनातनी के कारण जमीन-मकान के निबंधन का काम छह दिनों से बंद पड़ा हुआ है।

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