RSS Preparation For Corona Third Wave; RSS Helps People During Corona Pandemic; Bihar RSS Latest News | दादी-नानी के नुस्खे बिहार के घर-घर तक पहुंचाने में लगा संघ, हर पंचायत के लिए तैयार करेगी 3-3 स्वास्थ्य मित्र, अगस्त महीने से ट्रेनिंग प्रोग्राम भी


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पटना13 मिनट पहले

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लोगों के बीच RSS के स्वयंसेवक।

कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है । दूसरी लहर ने बिहार की स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल कर रख दी । भाजपा अब भी इन सुविधाओं को लेकर बचाव की मुद्रा में दिख रही है । अब संघ ने भाजपा की मुश्किल को कम करने के लिए मैदान में उतरने की तैयारी कर ली है । संभावित तीसरी लहर को लेकर आरएसएस प्रशिक्षण से लेकर जन जागरूकता में लग गई है।

कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने में लोगों की मदद करेगा RSS।

कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने में लोगों की मदद करेगा RSS।

अगस्त से ब्लॉक स्तर पर 4 तरह के प्रशिक्षण देगा संघ

आरएसएस के प्रदेश कार्यालय विजय निकेतन से मिली जानकारी के मुताबिक संघ की तरफ से अगस्त महीने से एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाएगा। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को संघ ने आरोग्य मित्र प्रशिक्षण योजना का नाम दिया है । संघ के स्वंयसेवकों के लिए तैयार किये गए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 4 तरह का प्रशिक्षण दिया जाएगा । सुरक्षा,सतर्कता , नियंत्रण एवं प्रबंधन , इस प्रशिक्षण के जरिये स्वंयसेवकों को कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर तैयार किया जाएगा । संघ की योजना के अनुसार प्रत्येक पंचायत से 3-3 स्वंयसेवकों को इस प्रशिक्षण वर्ग में शामिल किया जाएगा । इसका मकसद तीसरी लहर के दौरान ग्रामीण इलाकों तक डॉक्टरी परामर्श से लेकर दवाइयां और उससे जुड़ी जानकारी पहुंचानी है ।

दादी-नानी के नुस्खे हर घर तक पहुंचायेगी संघ

अपने स्वंयसेवकों के जरिये संघ दादी-नानी के नुस्खें फिर से घर-घर तक पहुंचाएगी । संघ के प्रशिक्षण वर्ग में स्वंयसेवकों को आंवले से लेकर एलोवैरा के जूस के फायदे ग्रामीणों को कैसे बतलाएं, इसकी जानकारी दी जाएगी । इसके साथ ही गिलोय और तुलसी पत्ता के काढ़े का फायदा भी बताया जाएगा । कोरोना पर प्रभावी इन आयुर्वेदिक उपचारों को आयुष मंत्रालय ने भी प्रभावी माना है । यही वजह है कि संघ इन नुस्खों को सुरक्षा और सतर्कता प्रोग्राम का हिस्सा बना रही है । संघ का मानना है कि सरकारी प्रचार-प्रसार के बाद शहरों में तो घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल बढ़ा है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में अब लोग इसके असर को लेकर लोग बहुत जागरूक नहीं है ।तीसरी लहर में बच्चों पर खतरे को देखते हुए संघ इन नुस्खों को इम्यूनिटी बूस्टर नुक्खे मान रही है ।

संघ क्यों उतरी है मैदान में

कोरोना की दूसरी लहर के दौरान भी संघ की तरफ से राहत कार्य किये गए थे । लेकिन इस बार इसकी तैयारी संघ ने पहले से ही शुरू कर दी है । वजह यह है कि बिहार में सत्ता में शामिल और स्वास्थ्य विभाग देख रही भाजपा , स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर जबदस्त दबाब में है। विपक्ष फोटो सीरीज के जरिये प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की बदहाली उजागर करा चुका है । संघ के पास ही ऐसे समर्थिक कार्यकर्ता हैं, जो मुश्किल दौर में भी पूरी जबाबदेही के साथ काम करते हैं । लिहाजा संघ अपनी तैयारियों के जरिये कोरोना की तीसरी लहर पर प्रभावी काम कर भाजपा की बिगड़ती छवि को बनाने की कोशिशों में लगा है ।

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