Section-144 applicable; Ban on buying, selling, storing Chinese strings, instructions given after innocent sacrifice in Chinese manja | धारा-144 लागू; चाइनीज डोर खरीदने, बेचने, स्टोर करने पर लगाया प्रतिबंध, चीनी मांझे में निर्दोष की बलि चढ़ने के बाद दिए निर्देश


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रोहतक4 मिनट पहले

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मालगाेदाम राेड की एक दुकान पर पंतग व चाइनीज मांझा की खरीदारी करता युवक। - Dainik Bhaskar

मालगाेदाम राेड की एक दुकान पर पंतग व चाइनीज मांझा की खरीदारी करता युवक।

  • भास्कर पड़ताल- मालगोदाम रोड पर मांझे से भरी पड़ी हैं दुकानें

शहर में एक जान लेने वाले चाइनीज मांझे पर एक्शन लेने की आखिरी प्रशासन को याद आ ही गई। डीसी ने सीआरपीसी 1973 की धारा 144 के तहत आदेश जारी करते हुए जिले में चाइना डोरी की बिक्री, खरीद और भंडारण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। दावा है 14 जून को एसडीएम अपनी टीम के साथ कार्रवाई के लिए फील्ड में भी उतरेंगे। पर ये कार्रवाई किसी चैलेंज से कम नहीं है।

ऐसे ही आदेश तीन साल पहले भी जारी हुए थे। लेकिन इसके बावजूद चाइनीज डोर में मोह में लोग बंधे रहे। दुकानों पर ये डोर तब से लेकर अब तक खूब बिक रही है। शनिवार को डोभ गांव के विकास की जान तक इस डोर ने ले ली। एक जान कीमत चुकाने के बाद अब भी हालात बता रहे हैं कि सरकारी आदेशों और दावों के विपरित जमीनी हकीकत अलग है।

शहर की दुकानों पर धड़ल्ले से प्रतिबंधित मांझे की बिक्री हो रही है। मालगोदाम रोड की दुकानों पर इस प्रतिबंधित मांझे का भारी स्टॉक मौजूद है। लेकिन दो साल में यहां कभी कोई छापा नहीं पड़ा। कभी प्रतिबंधित डोर को जब्त कर सरकारी अमले ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब दावा है कि सोमवार को सरकारी अमला फील्ड में उतरेगा और बड़ा एक्शन लेगा। वहीं रोहतक ट्रेडर्स यूनियन भी चाइनीज मांझे की बिक्री के विरोध में आ गई। यूनियन ने दुकानदारों ने ये मांझा न बेचने की अपील की है।

दिल्ली से जुड़ा है चाइना से आने वाली इस जानलेवा डोर के शहर में कारोबार का सिरा

मालगोदाम रोड पर खुलेआम बिक रहा चाइनीज मांझा

मालगोदाम रोड पर पतंग-मांझा व अन्य सामानों से जुड़ी करीबन 15 बड़ी दुकानें हैं। यहां शहर के विभिन्न मोहल्लों व कॉलोनियों के फुटकर दुकानदार खरीदारी करते हैं। वे अपनी दुकानों पर इसे खुलेआम रखते हैं। साथ ही टिकाऊ और सस्ता बताकर चाइनीज मांझा बेचा जाता है। एक दुकानदार के अनुसार करीबन हर साल जुलाई से पतंग का सीजन का शुरू होता है। इस बार लॉकडाउन के चलते बच्चों के घरों में ही रहने से दो महीने पहले ही पतंग खरीदने और उड़ाने की होड़ मची है।

देसी धागे से ज्यादा डिमांड, इसलिए बैन के बाद भी बिक रहा: शहर में बैन चाइनीज डोर की सप्लाई थोक व्यापारियों को दिल्ली से मिलती है। कुछ दुकानदारों के अनुसार पतंगबाजी का सीजन शुरू होने से पहले ही दिल्ली के काफी स्टॉक शहर में बड़े कारोबारियों के पास पहुंच जाता है। इस बार भी ये खेप आ चुकी है और इन कारोबारियों के संस्थानों की बजाए गोदामों में इसका स्टॉक रखा है।

चाइनीज डोर का शौक भी लोगों पर इस कदर हावी है कि बहुत ही खास पतंग उड़ाने में काम आने वाली देसी पांडा डोर और दूसरी डोर की बिक्री चाइनीज डोर के मुकाबले 10 फीसदी भी नहीं है। शहर में 1 हजार गज से लेकर 12 हजार गज तक के बंडल में चाइनीज डोर आसानी से उपलब्ध है। रोहतक में पतंग उत्तर प्रदेश के बरेली से मंगाई जाती हैं।

चाइना की डोर के खिलाफ आई ट्रेडर्स एसोसिएशन: शहर में चाइनीज डोर द्वारा एक जान लेने के बाद रोहतक ट्रेडर्स एसोसिएशन ने इस बैन डोर की बिक्री के खिलाफ अपील जारी की है। इसमें एसोसिएशन ने सभी दुकानदारों से कहा है कि जो डोर किसी की जान ले रही हो उसकी बिक्री वो अपने स्तर पर ही रोक दें। एसोसिएशन जल्द मीटिंग कर बड़ा फैसला भी लेगी।

डोर गले में उलझते ही विकास नहीं समझ पाया क्या हो गया, 15 मिनट दोस्त से बात करते करते तोड़ा था दम

कच्चा बेरी रोड पर चाइनीज डोर से गर्दन कटने से जान गंवाने वाले डोभ गांव के विकास का रविवार को पोस्टमार्टम हुआ। उसकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव थी। विकास शहर में इंटरनेट-वाईफाई के कनेक्शन करने वाली एक फर्म में काम करता था। उसके भाई सुमित ने कहा कि किसी के शौक ने उसके भाई की जान ली है।

विकास के गांव के दीपक ने बताया कि जब विकास के गले में चाइनीज डोर उलझी तो उसे पता ही नहीं चला था कि उसके साथ क्या हो गया। दीपक विकास को हादसे के कुछ पल बाद ही मिल गया था। दीपक के अनुसार पीजीआई लेकर जाने तक विकास ने उससे बात की थी। तब नहीं पता था कि विकास की मौत हो जाएगी। चिकित्सकों के अनुसार चाइनीज डोर के गहरे कट के कारण खून का बहाव नहीं रूका। इसलिए विकास की जान गई।

जानलेवा डोर ढूंढने फील्ड में उतरेगी टीम

चाइनीज मांझे का भंडारण, बिक्री और खरीद पर डीएम की ओर से प्रतिबंध लगा दिया गया है। 14 जून को चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई अभियान चलाया जाएगा। जो ये डोर बेचता मिला उस पर कार्रवाई होगी। -राकेश कुमार, एसडीएम रोहतक।

हर हाल में इस डोर का प्रयोग बंद कराएंगे

​​​​​​​एनजीटी ने भी इस पर बैन कर रखा है। पर चाइनीज मांझे पर लगाम लगाने में सरकारी तंत्र नाकाम रहा है। हमारी संस्था ने डीएसपी हेड क्वार्टर गोरखपाल राणा से भी संपर्क किया गया है। पुलिस मदद करेगी। हम इस कातिल डोर के खिलाफ लड़ाई लड़ इसका प्रयोग बंद कराएंगे। -नरेश कादयान, रिटायर्ड कमिश्नर, भारत स्काउट हरियाणा।

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